नई दिल्ली (भारत), 5 फरवरी (एएनआई): रक्षा मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका ने रक्षा विज्ञान और प्रौद्योगिकी में सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए नई दिल्ली में डीआरडीओ मुख्यालय में 24वीं संयुक्त तकनीकी समूह की बैठक आयोजित की।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने 3-4 फरवरी को नई दिल्ली में 24वीं भारत-अमेरिका संयुक्त तकनीकी समूह पूर्ण बैठक की मेजबानी की। बैठक की सह-अध्यक्षता महानिदेशक (उत्पादन समन्वय और सेवा सहभागिता), डीआरडीओ डॉ. चंद्रिका कौशिक और क्रिटिकल टेक्नोलॉजीज के लिए युद्ध के सहायक सचिव, अनुसंधान और इंजीनियरिंग के लिए युद्ध के अवर सचिव श्री माइकल फ्रांसिस डोड के कार्यालय द्वारा की गई।
बयान के अनुसार, अक्टूबर 2025 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ द्वारा हस्ताक्षरित भारत-अमेरिका प्रमुख रक्षा साझेदारी के ढांचे के दृष्टिकोण और नीति मार्गदर्शन के अनुरूप पूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। प्रतिनिधिमंडलों ने रक्षा विज्ञान और प्रौद्योगिकी में चल रहे सहयोग की समीक्षा की, संबंधित चुनौतियों पर चर्चा की, और उभरती आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण और उभरती रक्षा प्रौद्योगिकियों में सहयोग को और मजबूत करने के प्रस्तावों की जांच की।
बयान में आगे कहा गया कि चर्चा में सहकारी अनुसंधान एवं विकास पहल में विश्वविद्यालय-संबद्ध अनुसंधान केंद्रों, रक्षा प्रयोगशालाओं और उद्योगों की भागीदारी बढ़ाने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। इसके अतिरिक्त, बैठक में इनोवेशन ब्रिज ढांचे के तहत डीआरडीओ और डिफेंस इनोवेशन यूनिट के बीच संभावित सहयोग की खोज की गई और एक परियोजना समझौते पर हस्ताक्षर के साथ बैठक संपन्न हुई।
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बयान में कहा गया है कि बैठक में अमेरिकी युद्ध विभाग और राज्य विभाग के तहत संस्थानों और प्रयोगशालाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिकारियों, वैज्ञानिकों और टेक्नोक्रेट्स के साथ-साथ डीआरडीओ वैज्ञानिकों और भारत की त्रि-सेवाओं, रक्षा मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय के अधिकारियों की भागीदारी शामिल थी। (एएनआई)
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