त्रिपोली में एक मोबाइल फोन डीलर को हाल ही में 16 साल पहले 2010 में ऑर्डर किए गए नोकिया फोन की एक खेप मिली। लीबिया के गृहयुद्ध और ध्वस्त बुनियादी ढांचे के कारण फोन गोदामों में फंस गए थे। दुकानदार पुराने उपकरणों पर हंसे बिना नहीं रह सका और बोला, “क्या ये फोन हैं या ऐतिहासिक कलाकृतियां?”
नोकिया का ऑर्डर 16 साल देरी से आया
त्रिपोली स्थित एक लीबियाई पुनर्विक्रेता ने 2010 में इन फोनों का ऑर्डर दिया था, लेकिन 2026 तक उन्हें डिलीवरी नहीं मिली। pic.twitter.com/0SoXaMCK7w
– रेनार्ड जीन-मिशेल (@रेनार्डपाटी) 8 जनवरी 2026
शिपमेंट में उस युग के उच्च-स्तरीय मॉडल शामिल थे, जैसे “म्यूजिक-एडिशन” फोन और नोकिया कम्युनिकेटर, जो कभी कुलीन स्थिति के प्रतीक थे लेकिन अब तकनीकी रूप से अप्रचलित हैं। स्थिति की विडंबना यह है कि नोकिया फोन के प्रेषक और प्राप्तकर्ता दोनों ही कुछ किलोमीटर की दूरी पर त्रिपोली में स्थित थे।
यह घटना रोजमर्रा की जिंदगी और व्यावसायिक कार्यों पर युद्ध के प्रभाव को उजागर करती है।
एक उपयोगकर्ता ने टिप्पणी की, “नहीं। वे खोए हुए महान युग की बेशकीमती ट्राफियां हैं और अब अधिक मूल्यवान हैं।” एक अन्य ने कहा, “वीडियो बहुत मजेदार है। मैंने गंभीर होने की कोशिश की, लेकिन जिस तरह से वे फोन निकाल रहे थे, मुझे हंसी आ गई।”
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