सिद्धार्थ मल्होत्रा ने अपने पिता सुनील मल्होत्रा के निधन के बाद उन्हें बहुत याद किया। सोशल मीडिया पर भावभीनी श्रद्धांजलि साझा करते हुए उन्होंने उन्हें “दुर्लभ ईमानदारी, सत्यनिष्ठा और संस्कृति का व्यक्ति” बताया और जहाजों की कमान संभालने से लेकर गंभीर बीमारी का सामना करने तक उनके अटूट अनुशासन, शक्ति और साहस की प्रशंसा की। मल्होत्रा ने लिखा, “यहां तक कि जब स्ट्रोक ने उन्हें व्हीलचेयर तक सीमित कर दिया, तब भी उनका हौसला बुलंद रहा।” उन्होंने आगे कहा, “पापा, आपकी ईमानदारी मेरी विरासत है।” सुनील का मार्गदर्शन और मूल्य उनके बेटे के जीवन में एक स्थायी प्रेरणा बने हुए हैं।

