29 Jul 2026, Wed

कपूरथला सिविल सर्जन का कहना है कि हेपेटाइटिस से निपटने के लिए शीघ्र निदान महत्वपूर्ण है


विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर सिविल सर्जन कपूरथला डॉ. राजीव पराशर ने जिलावासियों से हेपेटाइटिस और इसकी रोकथाम के प्रति जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि हेपेटाइटिस लीवर की एक गंभीर बीमारी है जिसका समय पर निदान और इलाज न किया जाए तो यह जीवन के लिए खतरा बन सकता है।

डॉ. पराशर ने बताया कि हेपेटाइटिस कई प्रकार के होते हैं, जिनमें हेपेटाइटिस ए, हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस सी सबसे आम हैं। उन्होंने कहा कि हेपेटाइटिस ए मुख्य रूप से दूषित भोजन और पानी के माध्यम से फैलता है, जबकि हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस सी संक्रमित रक्त, असुरक्षित इंजेक्शन, अनुचित तरीके से निष्फल चिकित्सा उपकरणों और असुरक्षित यौन संपर्क के माध्यम से फैल सकता है।

उन्होंने आगे इस बात पर जोर दिया कि स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल का उपयोग करके, अच्छी व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखकर, निष्फल चिकित्सा उपकरणों का उपयोग सुनिश्चित करके, सुरक्षित रक्त संक्रमण प्राप्त करके और हेपेटाइटिस बी के खिलाफ टीका लगवाकर इस बीमारी को रोका जा सकता है।

जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. रवजीत सिंह ने जनता से आग्रह किया कि यदि उन्हें पीलिया, अत्यधिक थकान, भूख न लगना, या हेपेटाइटिस का संकेत देने वाले किसी अन्य लक्षण जैसे लक्षण महसूस हों तो वे तुरंत अपने नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में जाएँ। उन्होंने कहा कि हेपेटाइटिस की रोकथाम के लिए समय पर जांच, टीकाकरण और जन जागरूकता प्रमुख उपाय हैं और स्वास्थ्य विभाग जिले भर में लगातार जागरूकता गतिविधियां चला रहा है।



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