
योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री पद पर आसीन एक संन्यासी के रूप में दिखाई देते हैं, जो आग से गुजरने के बाद भी शांत रहते हैं, तूफानों के बीच भी स्थिर रहते हैं और किसी भी उथल-पुथल के सामने भी अटल रहते हैं। जब कोई आध्यात्मिक साधक राजनीति में आता है तो उससे जनता की अपेक्षाएं दोगुनी हो जाती हैं।

